नई दिल्ली, 29 अक्टूबर: जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने 114 पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। इनमें 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक शामिल हैं। यह उपलब्धि 2023 में हांगझोऊ में जीते गए भारत के पिछले सर्वश्रेष्ठ 108 पदकों से अधिक है और देश की पैरा-स्पोर्ट्स यात्रा में एक नया कीर्तिमान स्थापित करती है।
भारतीय पैरालंपिक समिति (PCI) की चेयरपर्सन तथा M3M Foundation की चेयरपर्सन एवं ट्रस्टी डॉ. पायल कनोडिया ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर अपार गर्व व्यक्त करते हुए उनकी लगन, दृढ़ता और राष्ट्र के प्रति उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें बधाई दी। स्वयं एक खिलाड़ी होने के नाते, डॉ. कनोडिया का मानना है कि भारत की यह उपलब्धि पैरा-एथलीटों की बढ़ती क्षमता और उन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के महत्व को दर्शाती है।
डॉ. पायल कनोडिया ने कहा, “यह भारत के लिए अपार गर्व का क्षण है। हमारे खिलाड़ियों ने असाधारण साहस, दृढ़ संकल्प और खेल उत्कृष्टता का प्रदर्शन कर पूरे देश को गौरवान्वित किया है। स्वयं एक खिलाड़ी होने के नाते, मैं हर उपलब्धि के पीछे वर्षों की मेहनत और त्याग को समझती हूँ। PCI की चेयरपर्सन के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान भारत को इस ऐतिहासिक उपलब्धि तक पहुँचते देखना मेरे लिए वास्तव में विशेष है। मेरा विज़न है कि भारतीय पैरा-स्पोर्ट्स आगे और प्रगति करे, खिलाड़ियों को अधिक अवसर मिलें, सहायता प्रणालियाँ मजबूत हों और देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखने वाले हर खिलाड़ी को पहचान मिले।”
भारत के पदक खाते में पैरा-एथलेटिक्स का सबसे बड़ा योगदान रहा, जिसमें 65 पदक मिले। इसके बाद पैरा-बैडमिंटन ने 16 और पैरा-स्विमिंग ने 11 पदक जीते। उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली शीतल देवी के साथ दिलीप गावित, निषाद कुमार, प्रणव सूरमा, सिमरन शर्मा और मोना अग्रवाल शामिल रहे, जिन्होंने विभिन्न खेलों में यादगार प्रदर्शन किया।
देश का गौरव बढ़ाते हुए, M3M Foundation के सहयोग से संचालित लक्ष्य कार्यक्रम की स्कॉलर भावना ने कंपाउंड तीरंदाजी में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया और एशियन पैरा गेम्स 2026 में इस स्पर्धा में भारत की शीर्ष प्रदर्शनकर्ता बनीं। उनकी यह उपलब्धि उनके खेल सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और निरंतर प्रोत्साहन व सहयोग मिलने पर खिलाड़ियों की क्षमता को दर्शाती है। लक्ष्य कार्यक्रम के एक अन्य स्कॉलर मनजीत ने भी भाला फेंक में रजत पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। उनकी उपलब्धि M3M Foundation के लक्ष्य कार्यक्रम के माध्यम से खेल प्रतिभाओं को निखारने की प्रतिबद्धता के प्रभाव को भी रेखांकित करती है।
लक्ष्य कार्यक्रम के माध्यम से M3M Foundation प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को निरंतर सहयोग दे रहा है और अधिक समावेशी खेल व्यवस्था के निर्माण में योगदान कर रहा है। आइची-नागोया में भारत का यह रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन उसके पैरा-एथलीटों के दृढ़ संकल्प का प्रमाण है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी मानदंड स्थापित करता है।
एम3एम फाउंडेशन के बारे में
M3M Foundation, M3M Group की परोपकारी शाखा है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, खेल और पर्यावरण के क्षेत्रों में कार्य करती है। 21 राज्यों, 4 केंद्र शासित प्रदेशों और 1,300 से अधिक गाँवों तक अपनी पहुँच के साथ, Foundation ने 50 लाख से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। इसका उद्देश्य समावेशी, सतत और परिवर्तनकारी राष्ट्र-निर्माण के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाना है।
अधिक जानकारी और मीडिया पूछताछ के लिए, कृपया संपर्क करेंः
दिव्य भारद्वाज (एमः 9968444344)। E: [email protected]



